ਕੰਨ ਚੋਂ ਮੈਲ ਕੱਢਣ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਕਿਰਾਏ ਤੋਂ ਰੋਣ ਲਈ ਬੀਬੀਆਂ ਤੱਕ-ਸਭ ਮਿਲਦਾ ਭਾਰਤ ਵਿਚ…

ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਕੁਝ ਵੀ ਯਕੀਨ ਕਰਨਾ ਬੜਾ ਸੌਖਾ ਹੈ। ਜਿਥੇ ਸਮੁੰਦਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅਸਮਾਨ ਤੱਕ,ਚੂਹੇ ਤੋਂ ਹਾਥੀ ਤੱਕ,ਬੰਦੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਸੱਪ ਤੱਕ,ਸਭ ਦੋ ਪੂਜਾ ਹੁੰਦੀ ਹੋਵੇ ਉਸ ਮੁਲਕ ਵਿਚ ਸਭ ਕੁਝ ਮੁਮਕਿਨ ਹੈ। ਪਰ ਕਦੇ ਤੁਸੀਂ ਸੋਚਿਆ ਕਿ ਕਿਸੇ ਦੀ ਮੌਤ ਤੇ ਰੋਣ ਦੇ ਵੀ ਪੈਸੇ ਮਿਲਦੇ ਹੋਣ ?? ਕਿਸੇ ਦੇ ਕੰਨ ਦੀ ਮੈਲ ਕੱਢਣ ਤੋਂ ਅਗਲਾ ਪੈਸੇ ਦੇਵੇ ?? ਪਰ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਇਹ ਸਭ ਬੜਾ ਆਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।पैसे कमाने के लिए लोग अब कुछ भी करने तैयार हैं। इसमें कुछ ऐसे भी काम शामिल हैं, जिनकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी। क्या आपने कभी सोचा है कि किसी के कान का मैल साफ करके भी लोग पैसे कमा रहे हैं? क्या आपने सोचा है कि किसी के मरने पर रोने के भी पैसे मिलते हैं? अगर नहीं, तो आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे ही अजोबोगरी काम जो सिर्फ भारत में ही किए जाते हैं। भारत में कई ऐसे राज्या हैं जहां आपको कान का मैल साफ करने वाले मिल जाएंगे। जी हां, इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग काफी व्यस्त रहते हैं। ऐसे में उनकी सेवा करने के लिए हाजिर है कान का मैल साफ करने वाला। ये लोग आपको सड़क पर घूमते मिल जाएंगे और खुद ही आपसे कान का मैल साफ करने का पूछेंगे। इसके लिए ये सिर्फ 10-20 रूपए चार्ज करते हैं।यदि आपको दांत का दर्द ठीक करने का गुण आता है तो बधाई हो, इंडिया में डिग्री मायने नहीं रखती। आपको ऐसे कई दांतों के दवाखाने सड़क पर नजर आ जाएंगे। भारत में ऐसे कई राज्य है जहां किसी की मौत पर मातम मनाने के लिए रोने वाली औरतों को किराए पर बुलाया जाता है। अपने पूर्वजों के बारे में आप ‘वंशावली’ के पास जा सकते हैं, इन्हें खानदान का लेखा-जोखा रखने के पैसे दिए जाते हैं। खेतों में आपने ‘scarecrows (बिजूका) खड़े हुए देखे होंगे। कई जगहों पर इंसानों को बिजूका बनने के पैसे दिए जाते हैं।

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